विहिप के बाद अब भाजपा भी साम्प्रदायिक हिंसा बिल के खिलाफ

उन्होंने कहा कि सपा और बसपा को इस विधेयक पर खुलकर विचार व्यक्त करने चाहिए। विधेयक की निन्दा करते हुए उन्होंने कहा कि इस विधेयक में देश के बहुसं यक समुदाय को आक्रामक और ङ्क्षहसक मानकर ही शेष समाज को समूहों में बांटा गया है और अल्पसं यक समाज को समूह माना गया है। श्री दीक्षित के मुताबिक यह हिन्दू विरोधी है। इस विधेयक में हिन्दुओं को समूह नहीं माना गया, हिन्दू समाज को भी तोड़ा गया है।
श्री दीक्षित ने कहा कि इस कानून के लागू होने से सरकार बहुसं यक समुदाय के किसी भी व्यक्ति को आरोपी घोषित कर देगी। इसी तरह किसी व्यक्ति को केवल इसलिए पीडि़त मान लिया जायेगा कि वह सरकारी परिभाषा वाले अल्पसं यक समूह में पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बिल बेहद खतरनाक एवं देश के सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण को नष्ट करने वाला है।
श्री दीक्षित ने कहा कि विधेयक में विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार पर हमला है। विधेयक की खामियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह किसी आतंकवादी या अलगाववादी के विरुद्ध लिखने वाले पत्रकार भी विधेयक के प्राविधानों में दण्डनीय होंगे। भाजपा प्रवक्ता का कहना है कि पूरा विधेयक वोट बैंक तुष्टीकरण को ध्यान में रखकर बनाया गया है, इसके पीछे देश के बहुसं यक समुदाय को अपमानित करने की नीयत है। उन्होंने कहा कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इससे पूर्व विश्व हिन्दू परिषद भी इस विधेयक के खिलाफ अपनी मंशा जाहिर कर चुकी है।












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