अब पानी को नहीं तरसेगी ताजनगरी

परियोजना पूरी होने में विल ब के कारण इसकी लागत अब बढ़ाकर 2880 करोड़ रूपये हो गयी है। वहीं उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित अनुश्रवण समिति के सदस्य डी के जोशी के मुताबिक लागत बढऩे पर अनुश्रवण कमेटी की बैठक में नये प्रस्ताव पर आपत्ति जताई गयी तो जल निगम की ओर से बताया गया कि 354 करोड़ लागत के लिये विस्तृत रिपोर्ट नहीं बनाई गयी थी।
इसके बाद बढ़ी हुयी लागत 1189 करोड़ रपये पर आपत्ति जताई गयी तो अधूरी डीपीआर उपलब्ध कराई गयी जिसमें कोई डाईग शामिल नहीं थी। श्री जोशी का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अनुश्रवण कमेटी से कोई मंजूरी नही ली गयी। इतनी लागत के बाद योजना क्रियान्वित नहीं हो सकी है जबकि योजना का कार्य पूरा होने में मात्र छह माह शेष रह गये हैं और तो और जल निगम परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट भी नहीं उपलब्ध करा रहा है। बहरहाल अब नये सिरे से कवायद की जा रही है। यदि जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाता है तो निश्चित ही ताजनगरी वासियों को पानी की समस्या से निजात मिल जायेगा।












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