रिश्वत को दबोचने को सीबीआई ने खर्चे 4.25 करोड़

आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में सीबीआई ने बताया है कि करीब 4.25 करोड़ रुपये का उपयोग चार साल में भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए उपयोग में लाई गई। सीबीआई के अनुसार, सबसे ज्यादा 86 मामले दिल्ली में आए और यहां तीन करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रैप मनी के रूप में इस्तेमाल की गई। वहीं सबसे कम भुवनेश्वर में 42 मामलों में करीब डेढ़ लाख रुपये का उपयोग किया गया।
रिश्वत की इस रकम में न्यूनतम 300 रुपये और अधिकतम 25 लाख रुपये है। सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2008 के दौरान कुल 129 मामले दर्ज किए गए। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ने वर्ष 2007 से 2010 के बीच रिश्वत लेने के कुल 430 मामले पकड़े हैं। वर्ष 2009 में 107 और पिछले साल जनवरी व दिसंबर के बीच 87 मामले दर्ज किए गए। आरटीआई में बताया गया कि वर्ष 2007 के दौरान जांच एजेंसी ने शिकायतकर्ताओं से ली गई ट्रैप मनी के रूप में तीन करोड़ से ज्यादा रकम नहीं लौटाई है। वर्ष 2008 में 31 लाख, 2009 में 28 लाख और 2010 में 63 लाख रकम अब तक नहीं लौटाई गई है। देश भर में करीब 50 भ्रष्टाचार अन्वेषण ब्यूरो और अन्य शाखाओं के जरिये यह रकम जमा की गई थी।












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