स्कूल मालिक के हत्या में पकड़े गए बाप-बेटे

पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार जौली ने अनुसार, हत्यारोपियों ने कबूल किया कि ढाई करोड़ रुपये की उधारी के लिए राजेश तकादा कर रहा था, जबकि उसके पासरुपयों की व्यवस्था नहीं बन पा रही थी। इसके अलावा राजेश ने स्कार्पियो का सौदा किया और फिर गाड़ी की रकम को ब्याज में काट लिया था। उसी गाड़ी की एनओसी राजेश भाटी मांग रहा था। ब्याज में स्कार्पियो जाना टीकम को अच्छा नहीं लगा। उसी के चलते डाढ़ा गांव निवासी टीकम और उसके पुत्रों ने गांव के ही कर्मवीर और सुभाष को चार लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या की साजिश रची थी। साजिश के तहत टीकम ने राजेश भाटी को एनओसी देने के बहाने नटों की मडैया गांव के गोलचक्कर पर आने के लिए कहा था। जब राजेश और रामकिशोर बताए गए स्थान पर पहुंचे तो टीकम ने कर्मवीर और सुभाष गैंग को फोन पर सूचना दे दी।
बदमाशों ने हथियारों के बल पर दोनों को उन्हीं गाड़ी में अपहरण कर घोड़ी गांव में जंगल में ले गए। वहां पर राजेश और रामकिशोर की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों के चेहरों पर तेजाब डालकर नाले में डाल दिया। उसके बाद कर्मवीर और सुभाष गैंग के बदमाश गौतमबुद्धनगर के ही अलग-अलग गांवों में ठहर गए, जबकि टीकम और उसके बेटे बुलंदशहर चले गए। जहां पर ब्लडप्रेशर बढ़ने पर टीकम का इलाज भी कराया गया था।
पुलिस ने बताया कि अन्य हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी टीम लगी हुई है। एसपी ने बताया कि अगर कर्मवीर से टीकम की बात न होती और वह सुपारी न लेता, जिससे हत्याकांड को अंजाम देना संभव नहीं था। टीकम स्वयं हत्या नहीं कर पा रहा था। हालांकि 15 अगस्त को भी राजेश की हत्या करने की साजिश रची गई थी। चूंकि राजेश 15 अगस्त को अपने आक्सफोर्ड स्कूल में ध्वजारोहण के लिए जाता रहा था। लेकिन उस समय कुछ दिक्कतों के चलते हत्यारे घटना को अंजाम नहीं दे पाए थे। दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने चेयरमैन के परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया करा दी है। इसके अलावा परिवार के चार लोगों को असलहे का लाइसेंस भी दिलाया जाएगा। पुलिस ने हत्यारोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।












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