दिल्ली बम धमाके में मेवात के दो युवकों का भी हाथ

यहां रहने वाला अख्तर कोलकाता में हुई आतंकी घटना के बाद से लापता है। पुलिस उसके रिश्तेदारों पर भी नजर रख रही है। मेवात के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र नेहरा का कहना है कि मामला सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण बेहद गोपनीय है। मेवात के रहने वाले दो युवकों ने आतंकियों को मदद की है। जांच के घेरे में आए जम्मू के दो युवकों के पास मिले सिम कार्डों को मेवात के पते पर जारी किया गया है। पुलिस को इस नंबर से हुई बातचीत करने वालों की तलाश है। जांच में पता चला है कि सिमकार्ड लेने के लिए लगाई गई आईडी फर्जी है।
टीम को युवकों का पता चल चुका है, लेकिन वह अभी उसके नामों का खुलासा नहीं कर रही है। गांव के आसपास स्थानीय पुलिस ने सादी वर्दी में अपना जाल बिछा रखा है। एनआईए की टीम युवकों के परिवार वालों के मोबाइल का डिटेल खंगाल रही है। धमाके के बाद जो सिल्वर रंग की सेंट्रो कार चर्चा में आई उसे चलाने वाला भी मेवात का रहने वाला 76 वर्षीय अनवर निकला।
उसे दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम ने दो दिन पहले से ही अपना जाल बिछा रखा था। इस कार को आतंकी घटना से जोड़ा जा रहा था। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि नौकरी दिलाने के नाम पर कार की ठगी की गई थी। दिल्ली बम धमाके में मेवात का नाम उछलने के बाद आईजी रेवाड़ी केके शर्मा ने शनिवार को मेवात पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से मिली सूचना का आदान-प्रदान करने के साथ चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया है।












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