भिखारी से भी बदतर हैं भ्रष्टाचारी: लोकायुक्त

Haryana Lokayukt slams corruption
करनाल। रिश्वतखोर अधिकारी, कर्मचारी या चुने हुए प्रतिनिधियों का निर्भय होकर मुकाबला करो, मैं आपके साथ हूं। ऐसे लोग जो किसी कार्य को करने के लिए रिश्वत लेते हैं वे भ्रष्टाचारी हैं तथा उनकी हालत एक भिखारी से भी बदतर है। यह बात हरियाणा के लोकायुक्त प्रीतम पाल सिंह ने कही। लोकायुक्त करनाल के जिलाधिकारियों, एन.जी.ओ. व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा मीडियाकर्मियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां से भी भ्रष्टाचार की बू आए उसका विरोध करो। भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए जनता का सहयोग जरूरी है, क्योंकि जनशक्ति ही सबसे बड़ी ताकत है।

लोकायुक्त ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ही हरियाणा में लोकायुक्त की नियुक्ति की गई है। इस संस्थान का एकमात्र उददेश्य समाज और प्रशासन में किसी भी स्तर पर होने वाली अनियमितता और भष्ट्राचार पर कड़ी निगरानी और उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही करना है। उन्होंने बताया कि आई.पी.सी. 1860 की धारा 21 के अन्तर्गत वर्तमान एवं पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री, विधान मंडल के सदस्य, निकायों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत गठित जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, विश्वविद्यालयों के उप-कुलपति तथा समस्त उच्चाधिकारी व कर्मचारी को लोक सेवक के रूप में परिभाषित किया गया है।

गैर राजनैतिक सिविल सोसायटी का गठन होना चाहिए

उन्होंने कहा कि हरियाणा का लोकायुक्त संस्थान देश के विभिन्न राज्यों की तुलना में श्रेष्ठ संस्थान है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर लोगों की शिकायतों का निवारण करने के लिए गैर राजनैतिक सिविल सोसायटी का गठन होना चाहिए इसमें अच्छे व ईमानदार लोग शामिल किये जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन के गठन के बाद 90 प्रतिशत शिकायतें जिला स्तर पर ही हल हो जाएगी। मैंने सरकार के पास कई रेफे्रंश भेजे हैं जिन पर अमल भेजा है।

ऐसे करें भ्रष्टाचार की शिकायत

उन्होंने कहा कि केवल दुखी व्यक्ति को ही शिकायत करने का अधिकार नहीं है बल्कि किसी भी व्यक्ति को जहां भी भ्रष्टाचार होने का आभास हो वह भी शिकायत कर सकता है और उस शिकायत में अपना नाम, सरकारी कर्मचारी या अधिकारी का नाम तथा मूल शिकायत की विस्तृत बात लिखी गई हो। शिकायत पत्र के साथ हल्फिया ब्यान व एक हजार रुपये की जूडिसियल स्टैम्प लगानी जरूरी है लेकिन यदि कोई निर्धन या बी.पी.एल. व्यक्ति एक हजार रुपये की टिकटे लगाने में असमर्थ हो तो वह अपनी मजबूरी भी प्रमाण सहित लिख सकता है। ऐसे व्यक्ति की शिकायत पर भी कार्यवाही की जायेगी।

अवैध रूप से सम्पत्ति बनाने वाले राजनैतिक व्यक्ति की शिकायत मिलने पर उसकी जांच के बाद उसके बैंक खाते बिना बताए अपने कब्जे में लिए जा सकते है। इसी प्रकार कोई पीडि़त कर्मचारी जिसके साथ सरकारी लाभ देने के मामले में उच्च अधिकारी की ओर से अन्याय हुआ हो उसके खिलाफ भी कार्यवाही करने का प्रावधान है। हालांकि उन्होंने कहा कि शिकायत कर्ता की ओर से शिकायत सत्य होनी चाहिए और वह पूर्ण साक्ष्यो पर आधारित हो। झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध 3 साल की कैद और 10 हजार रुपये की जुर्माने का प्रावधान है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+