राजभवन बन गये है कांग्रेस के दफ्तर: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव एवं प्रवक्ता रवि शकंर प्रसाद ने कहा कि देश के अधिसं य राज्यों के राजभवन कांग्रेस कार्यालय के तौर पर काम कर रहे हैं। श्री प्रसाद ने कहा कि गुजरात के राज्यपाल कमला बेनीवाल का नरेन्द्र मोदी सरकार के प्रति आचरण असंवैधानिक मर्यादाओं की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि तीन बार मोदी से शिकस्त झेल चुकी कांग्रेस को नरेन्द्र मोदी को हराने के लिये एक और चुनाव का इंतजार करना चाहिये।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक की भाजपा सरकार को झटका देने के लिये कांग्रेस ने वहां के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज का उपयोग किया था। श्री भारद्वाज को यह एहसास भी नहीं था कि वह अब कांग्रेस के कार्यकर्ता नही बल्कि राज्यपाल हैं। भाजपा प्रवक्ता ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस, बसपा सपा को एक कठघरे में खड़ा करते हुये कहा कि भ्रष्टाचार के ये त्रिकोण हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति अब लोगों के सामने आ चुकी है कि वह पहले तो भ्रष्टाचार से लडऩे का ढोंग करती है फिर कलई खुलने पर वह अपने खिलाफ लडऩे वालों के लिये मोर्चा खोल देती है। उन्होंने कहा कि इसका ताजा उदाहरण है कि काले धन को सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े योगगुरू बाबा रामदेव को मनाने के लिये पहले प्रणव मुखर्जी और कपिल सिब्बल जैसे कांग्रेसी दिग्गज हवाई अड्डे जाते हैं फिर उन्ही रामदेव पर सरकार आधी रात को डंडे बरसाती है। अब भारतीय मुद्रा अधिनियम (फेमा) के तहत रामदेव को फंसाया जा रहा है।
वहीं टीम अन्ना के अहम सदस्य अरङ्क्षवद केजरीवाल को झूठे मामले में फंसाने को भी उन्होंने गंदा खेल बताया। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को इतिहास हमेशा याद रखना चाहिये कि सत्तर के दशक में उसने समाजवाद की लौ जलाने वाले जयप्रकाश को अमरीकी एजेंसी सीआईए का एजेंन्ट बताया था जिसकी कीमत उसे वर्ष 1977 में सत्ता गंवा कर चुकानी पड़ी थी। अस्सी के दशक में इसी पार्टी ने दलित आरक्षण की वकालत करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप ङ्क्षसह को गालियां दी थी जिसका मूल्य उसे वर्ष 1989 में चुकाना पड़ा था और अब उसने वही गलती बुजुर्ग समाजसेवी अन्ना हजारे को तानाशाह बता कर की है, जिसका खामियाजा उसे 2014 में उठाना पड़ेगा।
यूपी की मु यमंत्री मायावती पर निशाना साधते हुये श्री प्रसाद ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मायावती सरकार केन्द्र सरकार के साथ कदमताल मिलाती रही है। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार उद्योग धंधे के लिये किसानों से औने पौने दामों पर जमीन खरीदती है फिर इस भूमि को ऊंची कीमतों पर बिल्डरों को बेचती हैं।












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