दबंगों से परेशान दलित परिवार ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु

परिवार के मुखिया का कहना है कि जिस मकान में वे बचपन से रह रहे थे, उससे निकाले जाने के बाद उसकी बेटी व बहुओं की इज्जत बचाना मुश्किल पड़ रहा है। उनके साथ मारपीट की जा रही है। इन हालातों में इस जिंदगी से बेहतर तो मौत ही है। परिवार इसको लेकर सोमवार को अदालत से भी गुहार लगाएगा। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के नाम लिखे पत्र में 18 सदस्यों के बैरागी परिवार के मुखिया 70 वर्षीय श्यामलाल ने कहा कि उसके पिता गांव बधवाड़ी स्थित पंचायती जमीन में मकान बनाकर रहते थे।
एक जाति विशेष के दबंग परिवार ने 25 जून की रात उसके घर में घुसकर बहू बेटियों के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, विरोध करने पर मारपीट की। सुबह जब उसने गांव में कुछ लोगों को पीड़ा सुनाई तो दबंगों ने उसके घर में तोडफ़ोड़ की। गाली गलौज करना, महिलाओं को छेडऩा, घर के सामने ही पेशाब करना रोज की बात हो गई। दबंगो का कहना है कि जिस जमीन पर वे रह रहे हैं वह उनके पूर्वजों की जमीन है।
पीडि़त परिवार की पैरवी करने वाले वकील दुर्गेश बोकन ने कहा श्यामलाल ने डीएलएफ फेज वन थाने में शिकायत दी तो उसके खिलाफ ही मामला दर्ज करके जेल भेज दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने पीडि़त परिवार को घर से बेघर कर दिया। 19 जुलाई को श्यामलाल ने उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।












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