गुडग़ांव-फरीदबाद से दिल्ली पहुंच रहे हैं अन्ना समर्थक

डीएलएफ एरिया के गांव नाथूपुर में स्कूली बच्चों ने अन्ना के समर्थन में रैली निकाली। सेक्टर पंद्रह पार्ट टू के हीओ अपार्टमेंट में गुुरुवार शाम सैकड़ों लोग अन्ना के समर्थन में सड़कों पर उतरे। लोगों ने अपने एरिया में कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने अन्ना के समर्थन में लिखे स्लोगन की तख्तियां ले रखी थीं। लोग केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जन लोकपाल बिल को लागू करने की बात कह रहे थे। करीब एक घंटे तक यह मार्च किया गया। मार्च में एरिया के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
इसी प्रकार गांव नाथूपूर में छात्रों ने अपने एरिया में अन्ना के समर्थन में प्रदर्शन किया। फरीदाबाद के सेक्टर-31 में अन्ना हजारे के समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार शाम को सेक्टर-31 में भी सैकड़ों लोगों ने अन्ना के समर्थन में विशाल जुलूस निकाला और नारेबाजी की। गुरुवार देर शाम सेक्टर-31 एचएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में इंडस्ट्रियों के मालिकों, स्टॉफ व वर्करों ने जुलूस में हिस्सा लिया। गुडग़ांव में आरडब्ल्यूए के प्रधान हरवीर सिंह ने बताया कि अन्ना हजारे ने देश से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अनशन पर बैठे हुए उन्हें 10 दिन हो गए हैं, लेकिन उनका जोश अभी भी देखने लायक है। इसलिए लोगों ने गुरुवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में जाकर अन्ना हजारे को अपना समर्थन दिया।
महिलाओं ने निकाली रैली
फरीदाबाद के सेक्टर 16 में गुरुवार को शहर की काफी सारी महिलाओं ने मिलकर अन्ना के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। इस रैली में अलग-अलग सेक्टरों की और अलग-अलग कामों से जुड़ी महिलाएं शामिल थी। महिलाओं ने मेट्रो हॉस्पिटल से रैली की शुरूआत की और सेक्टर-16 मार्केट से होते हुए सेक्टर-15 मार्केट होती हुईं डीसी हाउस पर पहुंची। यहां महिलाओं ने हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन डीसी को दिया। इसके बाद रैली दोबारा से मेट्रो हॉस्पिटल पर आकर समाप्त हुई। इस रैली में अनुपमा भाटिया, पिंकी लखानी, सुषमा वर्मा, साधिका, दया गोयल, रितु सहगल, रेखा मल्होत्रा, आरती भाटिया, नीति आदि महिलाएं उपस्थित थी।
आंदोलन कम करने का स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया
गुडग़ांव जिले के सरकारी कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि उन्हें अन्ना का समर्थन करने से रोका जा रहा है। विभिन्न कॉलेज अब स्टूडेंट्स पर दबाव बनाने लगे हैं कि अगर वह कॉलेज नहीं आते हैं तो उनका नाम काट दिया जाएगा। इससे स्टूडेंट्स काफी गुस्से में हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर कॉलेज अपनी बात पर अडिग रहें तब भी आंदोलन जारी रहेगा और वह कॉलेज बंद होने के बाद रैली और प्रदर्शन करते रहेंगे।
एमडीयू के नियमों के मुताबिक, अगर कोई स्टूडेंट्स बिना किसी ठोस वजह से कॉलेज नहीं आता तो उसे प्रति पीरियड 5 रुपये फाइन देना होता है। 7 दिनों के बाद स्टूडेंट्स का नाम काटा जा सकता है। इसके बाद दोबारा नाम लिखवाने के लिए उसे 500 रुपये फीस देनी होती है। कॉलेजों में नोटिस बोर्ड पर यह नोटिस लगा दिए गए हैं। इसके बाद रैली में शामिल हो रहे स्टूडेंट्स परेशान हैं। उनके अनुसार यह अन्ना के समर्थन को कम करने की साजिश है। कुछ कॉलेजों में स्टूडेंट्स 17 तारीख से लगातार रैलियां निकाल रहे हैं।












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