महिला के पेट से निकली 31 किलो की रसौली

ऑपरेशन डॉ. सुभाषिणी जैन के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम ने किया। टीम में डॉ. गोल्डी, डॉ. मुनीष भी शामिल थे। ऑपरेशन करीब दो घंटे चला। गरीब होने के कारण महिला का सारा इलाज नि:शुल्क किया गया। अभी महिला की हालत में सुधार है। मीरा देवी को 15 दिन पहले सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। उस समय उसके शरीर में मात्र 4 ग्राम खून था। यहां उसे 12 बोतल खून चढ़ाया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के अनुसार मीरा के पेट में 36 इंच लंबी और 29 इंच चौड़ी 31.400 किलोग्राम की रसौली थी।
मंगलवार सुबह दस बजे डॉ. सुभाषिणी जैन के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि यहां ऑपरेशन कर पहली बार इतनी बड़ी रसौली निकाली गई है। ऑपरेशन चुनौती के समान था। सिरसा के सभी निजी डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया था। कइयों ने मीरा देवी को जयपुर ले जाने को भी कहा था। गरीब परिवार से होने के कारण वे इतना खर्च नहीं उठा सकते थे। इसलिए उन्होंने सिरसा के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। अगर उन्हें पता होता कि यहां इतने अच्छे चिकित्सक हैं तो वे उन्हें पहले ही यहां ले आते। अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जीएस सोमाणी ने कहा कि इतना बड़ा और जटिल ऑपरेशन यहां पहली बार किया गया है।
इससे आम आदमी का सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों में विश्वास बढ़ेगा। पोहड़का निवासी 45 वर्षीय विधवा मीरा देवी को 17 साल से पेट में दर्द की शिकायत थी। कुछ समय से दर्द बढ़ गया था और उसका पेट भी फूलने लगा था। अल्ट्रासाउंड में उसके दाएं अंडाशय में रसौली मिली। वहां से यह रसौली पैलोफिन ट्यूब, गर्भाश्य और सारे पेट में फैली हुई थी। मीरा अपनी बेटी मनीषा के साथ रहती हैं। उसके परिवार वालों ने उसे कई जगह दिखाया लेकिन सिरसा के सभी निजी चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया था। डॉ. सुभाषिणी ने बताया कि इस रसौली को पैथोलॉजी लैब भेजा जाएगा। पता लगाया जाएगा कि यह किस कारण से हुई है, कहीं इसके शरीर पर कोई और दुष्प्रभाव तो नहीं है। उन्हें चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है।












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