सुप्रीम कोर्ट ने माया के सपने पर लगाया ग्रहण

राज्य सरकार ने आपात उपबंध लागू करने के पीछे सुप्रीम कोर्ट के ही वर्ष 2004 के आदेश को आधार बनाया था, जिसमें कोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदूषण समाप्त करने हेतु लेदर सिटी बसाने के लिए भूमि चिन्हित करने को कहा था। पीठ ने आपात उपबंध लागू करने के बारे में अपने पूर्व फैसलों में तय 8 दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ जनहित के आधार पर आपात उपबंध लागू कर लोगों का आपत्ति उठाने का अधिकार छीनना न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से 2004 में भूमि चिन्हित करने को कहा था।
जबकि राज्य सरकार ने दो साल बाद 3 जुलाई, 2006 को धारा 4 की अधिग्रहण अधिसूचना निकाली और उसके 17 महीने बाद धारा 6 की अधिसूचना जारी की। इससे साफ होता है कि सरकारी तंत्र ने बहुत ही धीमी गति से काम किया। ऐसे में राज्य सरकार आपात उपबंध लागू करने को न्यायोचित नहीं ठहरा सकती।वहीं यूपी सरकार की नोएडा एक्सटेंशन में जान अटकी हुई है क्योंकि नोएडा एक्सटेंशन के भविष्य़ पर फैसला 29 अगस्त को आने वाला है जिससे सरकार पहले ही डरी हुई है।












Click it and Unblock the Notifications