अब सबको समझ में आएगी डॉक्टर की हैंडराईटिंग

मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में सॉफ्टवेयर करेगा मदद
हाईकोर्ट ने इसका उपाय करते हुए पोस्टमार्टम व अन्य मेडिकल रिपोर्ट कंप्यूटरीकृत करने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस राजेश बिंदल ने इस संबंध में चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के स्टेट इंफोर्मेटिक्स ऑफिसर को 26 अगस्त को संयुक्त बैठक करने के निर्देश दिए हैं। पीजीआई के प्रतिनिधियों को भी बैठक में भाग लेने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पाया था कि ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष दोनों की ही पोस्ट मार्टम व अन्य मेडिको लीगल रिपोर्ट पढऩे में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका एक बड़ा कारण डॉक्टरों की लिखाई का पढऩे लायक न होना है।
एक सितंबर से प्रदेश भर में लागू होगा नियम
खराब हैंडराइटिंग में लिखी रिपोर्ट समझ में न आने के कारण सुनवाई बाधित होती है और अनावश्यक समय व्यर्थ होता है। कई बार तो संबंधित डॉक्टर को ही अदालत में बुलाना पड़ता है। ऐसे में समस्या से निजात पाने के कारण रिपोर्ट कंप्यूटरीकृत होना एक बढिय़ा उपाय है। अदालत में चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से कहा गया कि सक्टर 16 स्थित मल्टी स्पेशिएलिटी हास्पिटल ने कंप्यूटरीकृत पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देना आरंभ कर दिया है। हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में बैठक कर फैसला लिया गया है कि एक सितंबर से राज्य में पोस्ट मार्टम रिपोर्ट कंप्यूटरीकृत कर दी जाएंगी। इस बारे में सभी सिविल सर्जन को भी जानकारी दे दी जाएगी।












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