खुफिया एजेंसियों ने सरकार को चेताया, हिंसक हो सकता है अन्ना आंदोलन

आपको बता दें कि खुफिया एजेंसियों ने आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने की आशंका जतायी है। प्रदेशों के एलआईयू ने भी जो रिपोर्टें राज्य सरकारों को सौंपी हैं उसमें भी राज्य सरकारों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि एजेंसी ने कहा है कि सरकारों खास तौर से कांग्रेसी सरकारों से लोग खफा हैं। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अन्ना के स्वास्थ्य में गिरावट की आम जनता में तीखी प्रतिक्रिया हो सकती है। उनके अनुसार रामलीला मैदान के साथ-साथ पूरे देश से आ रही खुफिया रिपोर्टो में अन्ना के स्वास्थ्य को लेकर आंदोलनकारियों की चिंता के बारे में बताया गया है।
मुश्किल यह है कि सात दिन बाद भी आंदोलन कमजोर पकड़ने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। खुफिया विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आ सकती है, लेकिन स्वास्थ्य में गिरावट से आंदोलन से अन्ना की पकड़ कमजोर पड़ सकती है। खुफिया विभाग रिपोर्टो के अनुसार अन्ना के प्रभाव के कारण ही आंदोलन पूरी तरह से अनुशासित और अहिंसक है। पर स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में अन्ना की पकड़ कमजोर होगी और इससे होने वाली प्रतिक्रिया से निपटना सरकार के लिए मुश्किल हो सकता है।
अब देखना है कि इस रिपोर्ट के बाद सरकार कौन सा कदम उठाती है पर सूत्र बता रहे हैं गृहमंत्रालय ने इस बाबत एक निर्देश जारी कर दिया है जिसमें सभी राज्य सरकारों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। बताया जा रहा है कि गृहमंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि अनशन में हिंसा फैलाने वालों को निपटने में वह कोई कोताही नहीं बरते।












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