अन्ना हजारे सेना के भगोड़ा नहीं हैं
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार के कुछ आला नेता अन्ना हजारे को ही भ्रष्ट साबित करने में जुटे हैं लेकिन वो अपने नापाक मंसूबों में शामिल नहीं हो पाये। कल अन्ना पर आरोप लगा था कि उन्हें सेना से निकाला गया था जिसका खंडन आज हो गया।
सूचना के अधिकार के जरिये ये साबित हो गया कि अन्ना को सेना में रहते हुए कभी कोई सजा नहीं मिली थी। बल्कि उन्हें पुरस्कृत किया गया था। अन्ना हजारे को पूरे 12 साल सेना की सेवा करने के बाद सम्मानजनक विदाई दी गयी थी। इस बात की जानकारी कर्नल अरूण कुमार ने एक निजी चैनल पर बात करते हुए दी।
कुमार ने बताया कि अन्ना हजारे 14 अप्रैल 1963 को सेना में शामिल हुए थे। जिस समय उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ी, उस समय वो एक सिपाही हुआ करते थे। सेवाकाल में उनके अभिन्न योगदान के लिए उन्हें करीब पांच मैडल प्रदान किये गये थे। गौरतलब है कि कांग्रेस के कुछ खास नेताओं ने अन्ना पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा था कि अन्ना हजारे सेना से निकाले गये थे क्योंकि उन्होंने कई घपले किये थे।













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