संदेह का मिला फायदा, 20 साल बाद पत्नी की हत्या का आरोपी रिहा

High court
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने बीस वर्ष चले मुकदमे के बाद पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी सुभाष चंद्र शर्मा को आजाद कर दिया। अदालत ने निचली अदालत द्वारा उसे प्रदान उम्रकैद को रद कर रिहा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जांच में काफी खामियां हैं और सुभाष संदेह का लाभ पाने का हकदार है।

न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति वीना बीरबल की खंडपीठ ने फैसले में निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि मृतका ने मरने से पूर्व तीन बयान दिए थे। दो बयानों में उसने कहा कि पति से झगड़े के बाद उसने स्वयं आग लगाकर आत्महत्या की है। वहीं, एसडीएम को दिए तीसरे बयान में कहा कि मिट्टी का तेल डालकर उसके पति ने आग लगाई।

खंडपीठ ने कहा कि ऐसे में बयान पर संदेह हो जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का न तो किसी डाक्टर ने निरीक्षण किया न ही रिपोर्ट दी गई। इसके अलावा पुलिस ने घटनास्थल पर कोई भी सामान तक बरामद नहीं किया और न ही वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई। अत: ऐसे में उनके समक्ष अभियुक्त को संदेह का लाभ देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पेश मामला भजनपुरा थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि अभियुक्त सुभाष ने 16 मई 91 को पत्नी रीता पर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी थी। बाद में इलाज के दौरान रीता की मौत हो गई थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+