घाटे में चल रही हैं एमटीएनएल और बीएसएनएल

केंद्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को 2009-10 में 1,823 करोड़ रुपये और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को 2,611 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा इसके लिए सरकार से वित्तीय सहायता की भी मांग की गई है।
वहीं दूरसंचार मंत्री ने इन कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए कई तरह के मसौदे भी तैयार किए है। जिनमें से दोनों कंपनियो को एक दूसरे में विलय करने का मसौदा भी है वहीं दूसरे में घाटे में चल रही इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज (आईटीआई) का विलय बीएसएनएल में करने का सुझाव दिया गया है। ये प्रस्ताव कितने कारगर होते है यह तो इनके लागू होने के बाद ही पता चल पाएगा मगर तब तक इस कंपनियो के ग्राहकों की चितांए जरूर बढी रहेगी।












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