कहीं छलावा तो नहीं है भ्रष्टाचार का विरोध?

दरअसल समस्या यह है कि हमारे देश में सरकारी अफसरों और नेताओं को ही भ्रष्टाचार का हिस्सा समझा जाता है। यह भ्रष्टाचार कहां से शुरू होता है हम इसके बारे में विचार ही नहीं करते हैं। आज जिंदगी में भ्रष्टाचार हमारे साथ किस तरह पनपा और पल बढ़ रहा है हम इस पर ध्यान ही नहीं देते हैं। हर आम आदमी खुद से पूछे कि क्या वो भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं है।
असल में यह भ्रष्टाचार हर सफर में हमारा हमसफर होता है और हमें इसका पता भी नहीं चलता है। बिना हेलमेट के बाइक पर हो और पुलिस रोक ले तो हम तुरंत 100 या 50 रुपए देकर छूटने का प्लान बना लेते हैं। यहां से हम भ्रष्टाचार की पेशकश शुरू कर देते हैं। ट्रेन में रिजर्वेशन न हो तो टीटी को 50 रुपए देकर हम सीट का जुगाड़ कर लेते हैं। यहां तक कि बाद में इसका गुणगान भी करते हैं कि टीटी को पैसे देकर सीट का इंतजाम कर लिया था। इस तरह हम खुद तो भ्रष्टाचार का हिस्सा बनते ही हैं साथ ही ऐसे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी भ्रष्टाचार करने के लिए प्रमोट करते हैं।
भ्रष्टाचार का पाठ हम अपने बच्चों को जन्म से ही पढ़ा देते हैं। यहां तक कि बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में भी रिश्वत देने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। जब बच्चों को स्कूलों में एडमिशन नहीं मिलता तो हम एडमिशन दिलाने के लिए भी रिश्वत देने से नहीं चूकते। अक्सर परिवार में लोग खुलेआम रिश्वत देने और लेने की बातें करते हैं जिसका असर बच्चों पर पड़ता है। दरअसल भ्रष्टाचार हम लोगों में इस तरह घुस गया है कि हमें पता ही नहीं चलता कि हम भी भ्रष्टाचार का हिस्सा बन रहे हैं।
आज हमारे समाज में भ्रष्टाचार का हर ओर विरोध हो रहा है। यह समझ नहीं आ रहा है कि भ्रष्टाचार करने वाले लोग भी तो इसी समाज से हैं। अगर सब लोग भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले हैं तो आखिर भ्रष्टाचार कर कौन रहा है। वैसे भी अगर किसी से भी पूछो कि क्या आप भ्रष्टाचार का विरोध करते हैं तो सब यही कहेंगे कि हां हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। ऐसे में अगर हमारे देश की 100 फीसदी जनता भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है तो देश में भ्रष्टाचार इतना फैल कैसे गया। सोचने में थोड़ा वक्त लगेगा।
हम भ्रष्टाचार का उदाहरण देते समय 2जी स्पेक्ट्रम और राष्ट्रमंडल खेल जैसे घोटालों का सहारा लेते हैं। रोजाना हमारी आम जिंदगी में कितने घोटाले और भ्रष्टाचार हो जाते हैं हमें पता ही नहीं रहता है। इसका जवाब शायद आप खुद से बेहतर तरीके से पूछ सकते हैं। सुबह घर से निकलने और शाम को घर लौटने तक आप कितनी बार भ्रष्टाचार से हाथ मिलाते हैं इसके बारे में आप खुद ही सोच सकते हैं।
इन सारे सवालों का जवाब मुझे नहीं मिला। उम्मीद करता हूं कि आप इन सवालों का जवाब दे सकते हैं। अपने जवाब नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में लिखकर भेजें। हम इसे आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे। हमें आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।
-
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications