पाकिस्तानी पायलट ने मांगी भारत से माफी, कहा गलती से किया था हमला

विमान में सवार गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता और उनकी पत्नी सरोजबेन मेहता समेत कुल सात लोग मारे गए थे। दरअसल, युद्ध के दौरान कैस हुसैन पाकिस्तान वायुसेना में फ्लाइंग अफसर पद पर नए-नए बहाल हुए थे। उन्होंने 18 सितंबर, 1965 को भारतीय विमान बीचक्राफ्ट को मार गिराया था। तब बलवंत राय मेहता विमान में बैठकर भारत-पाकिस्तान की कच्छ सीमा का निरीक्षण कर रहे थे।
पाकिस्तान वायुसेना के पूर्व अधिकारी कैसर तूफैल ने हाल ही में इस घटना की छानबीन की है। वह इस निष्कर्ष पर पहंुचे हैं कि पाक अधिकारियों ने गलत अंदाजा लगाया था कि भारतीय विमान निगरानी मिशन पर था। 70 वर्षीय हुसैन ने जहांगीर की बेटी फरीदा सिंह को लिखे ई-मेल में पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, आपके पिता जिस विमान को उड़ा रहे थे वह मीलों भटक गया था। यह रण के कच्छ सीमा इलाके में ऊपर नीचे जा रहा था।
हमारे रडार पर दर्ज हुआ। मैंने सोचा कि विमान एक नया मोर्चा खोलने के लिए हमारी टोह लेने आया है, इसलिए उसे घेर लिया। मगर उस पर तुरंत फायरिंग करने की बजाय मैंने अपने कंट्रोलर से संपर्क साधकर आगे की कार्रवाई के निर्देश मांगे। मुझे उम्मीद थी कि बिना फायरिंग किए वापस आने का निर्देश मिलेगा, लेकिन मुझे विमान को तुरंत मार गिराने का आदेश दिया गया। जब हमें पता चला कि उसमें मुख्यमंत्री सवार थे, तो हमारा मन खराब हो गया।












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