इंटरनेट के जरिए लोकपाल पर जनता का समर्थन जुटाएगी टीम अन्ना

लोकपाल बिल पर सरकार अन्ना हजारे को धोखा दे चुकी है। लोकपाल बिल पर अन्ना हजारे टीम ने जो ड्राफ्ट तैयार किया था उसे नजरअंदाज करते हुए सरकार द्वारा तैयार लोकपाल ड्राफ्ट को केबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस पर टीम अन्ना हजारे ने अपने तेवर कड़े करते हुए 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर अनिश्चित काल का अनशन करने का ऐलान कर दिया। इस पर भी सरकार ने उन्हें जंतर-मंतर पर अनशन न करने की इजाजत नहीं दी है।
गौरतलब है कि अन्ना हजारे प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल के अंतर्गत लाने की मांग कर रहे थे। जबकि सरकार इन शर्तों पर राजी नहीं थी। इस पर सरकार और सिविल सोसाइट के बीच 9 दौर की वार्ता चली। जिसका कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद सरकारी समिति और सिविल सोसाइटी ने लोकपाल के अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार किए। इसे सभी राजनीतिक दलों को सौंपा गया। इसके बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई जो बेनतीजा रही। इकसे बाद केबिनेट ने कुछ संशोधनों के बाद सरकार द्वारा तैयार लोकपाल बिल ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी। इसके बाद इसे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाना है जो सोमवार से शुरू हो रहा है।
टीम अन्ना हजारे ने केबिनेट द्वारा मंजूर लोकपाल बिल को जोकपाल कहते हुए इस पर अपना ऐतराज जताया और अनिश्तचत काल के अनशन की घोषणा की। जंतर-मंतर पर अनशन की इजाजत के बाद दिल्ली पुलिस ने अनशन के लिए जो दूसरी जगहें टीम अन्ना को सुझाई हैं वहां भी 2000 से अधिक लोगों को जुटाने की इजाजत नहीं है। इस पर अपनी रणनीति बनाने के लिए टीम अन्ना सोमवार को बैठक करेगी। इसके बाद टीम अन्ना तय करेगी कि वे जंतर-मंतर पर गिरफ्तारी देगी या फिर अनशन के लिए कोई दूसरी जगह चुनेगी।
लोकपाल बिल पर जनता का समर्थन पहले ही अन्ना हजारे के साथ है। अब जनता में लोकपाल बिल को लेकर जागरुकता लाने के लिए टीम इंडिया इंटरनेट का सहारा लेने में लगी हुई है। इंटरनेट के जरिए युवा पढ़ा-लिखा वर्ग भी अन्ना हजारे के समर्थन में जुट सकता है। शायद टीम अन्ना ने इंटरनेट का फैसला इसलिए किया है क्योंकि दिल्ली पुलिस ने पहले ही बाबा रामदेव के आंदोलन की तर्ज पर अन्ना हजारे के अनशन को दबाने का प्लान बना रखा है।












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