नोएडा के किसान तीन महीने तक नहीं करेंगे आंदोलन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नोएडा के किसानों को प्राधिकरण पांच प्रतिशत भूमि, किसानों के लिए अलग से आबादी, मुकदमों को वापस लेने और वंचित किसानों को प्लॉट उपलब्ध कराने का फैसला किया है। पिछले कई दिनों से गांवों में पंचायत कर अपनी मांगें उठा रहे किसानों के साथ शनिवार को प्राधिकरण चेयरमैन बलविंदर कुमार ने बैठक की। इसमें 54 गांवों के प्रधान शामिल हुए। किसान संघर्ष समिति के 10 सदस्य, सांसद सुरेंद्र नागर और प्रदेश सरकार की तरफ से मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह भी शामिल हुए।
औखला स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में हुई बैठक में उनकी मांगों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद प्राधिकरण के चेयरमैन बलविंदर कुमार ने पत्रकारों को बताया कि किसानों की आबादी व पांच प्रतिशत प्लॉटों की समस्या तीन माह में निबटा दी जाएगी। 15 अगस्त तक 15 गांवों की समस्याओं का निस्तारण होगा। फिर 30 अगस्त तक आठ और गांवों की समस्या का समाधान होगा। इसी तरह तीन माह में नोएडा क्षेत्र के सभी अधिसूचित व अधिग्रहीत गांवों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। जिन मामलों में प्राधिकरण जिला न्यायालय से हार चुका है और वो मुकदमे फिलहाल हाईकोर्ट में चल रहे हैं, वो सभी वापस लिए जाएंगे। किसानों के साथ बैठक कर मुआवजा वितरण का कार्य किया जाएगा।
जिन किसानों की जमीन 1976 से 1997 से तक प्राधिकरण ने अधिग्रहीत की थी, उनमें से जिन किसानों को अब तक आवासीय भूखंड नहीं मिले हैं, वरीयता के आधार पर उनकी सूची बनाई जाएगी। एक योजना लाकर सभी किसानों को प्लॉटों का आवंटन किया जाएगा।
उधर, नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि ग्रेटर नोएडा अथारिटी के अधिकारी आज भी प्रभावित गांवों के किसानों से मिल रहे हैं आशा किया जा रहा है कि जल्द ही इसका भी समाधान निकल जाएगा।












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