पिता के अपरहण की कहानी बनाने वाले बेटे पर 5 लाख जुर्माना

पुलिस द्वारा मामले की जांच पड़ताल के बाद जब राकेश के पिता धर्मवीर का कहीं कोई पता नहीं चला तो पुलिस ने भटटा मालिक को पकड़ा और पूछताछ शुरू की। भटटा मालिक भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं था। आखिरकार मामला न्यायालय में पहुंच गया। जब न्यायालय ने दोनों पक्षों की बात सुनी और पुलिस को निर्देश दिया कि वह राकेश के बारे में भी पता करे।
तब इस बात का खुलासा हुआ कि राकेश ने ही अपने पिता के अपहरण की झूठी कहानी रची थी। मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च नयायालय ने अपने पिता को छिपाकर रखने तथा उनके अपहरण की झूठी कहानी रचने के आरोप में बेटे पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। न्यायालय ने बागपत के सुहाटी गांव के रहने वाले राकेश व उसके पिता धर्मवीर के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।
मामले में राकेश का पक्ष रखने वाले वकील मनीष को को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। राकेश ने बाद में पुलिस के सामने स्वीकार किया उसी ने यह पूरी कहानी रची थी। उसने बताया कि उसका व भटटा मालिक का विवाद था वह चाहता था कि किसी प्रकार उसे सजा हो जाए इसके लिए उसने यह पूरी कहानी रची।
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