जंतर मंतर पर धारा-144 लागू

सूत्रों ने बताया कि सरकार नहीं चाहती कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार की किसी प्रकार से कोई किरकिरी हो और आम जनता के बीच भी वह अपने लोकलुभावन छवि को बनाए रखना चाहती है। पर अन्ना हजारे ने भी सरकार को सख्त चेतावनी दे दी है कि जबतक जान में जान है तब तक अनशन से वह पीछे नहीं हटेंगे। आपको बता दें कि कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए लोकपाल बिल पर अन्ना हजारे ने कहा है कि यह देश के साथ धोखा है। हमारे साथ धोखा है। सरकार के इस बिल के खिलाफ देश भर में लोग 16 अगस्त से अनशन पर बैठेंगे। हम सरकार को मजबूर करेंगे कि इस प्रस्ताव को संशोधित करे।
टीम की एक अन्य सदस्य पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने भी धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक लचर विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने जी-8 के बैठक और विश्व समुदाय को दिखाने के लिए इस मसौदे को अनुमति दिलायी है। अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने भी इसे छल करार दिया है। उन्होंने कहा कि नागरिक समाज इसे जनता के बीच ले जाएगा। मजबूत लोकपाल के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
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