बगैर मान्यता बी फार्मा चला रहा एमिटी यूनिवर्सिटी

उत्तर प्रदेश की जाने माने विश्वविद्याल द्वारा छात्रों को ठगे जाने का मामला प्रकाश में आया। एमिटी विश्वविद्यालय में बी फार्मा की पढ़ाई कर रहे छात्रों के साथ धोका किया। विवि परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनसे भारी भरकम फीस ली गयी लेकिन जब बात परीक्षा तक आयी तब पता चला कि संस्थान को पीसीआई से मान्यता ही नहीं है।
बगैर मान्यता पढ़ाई करा छात्रों को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। धरने पर बैठे केरीब 55 छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर है। एक छात्र में वर्ष के करीब 6.50 लाख रुपये फीस वसूल की जाती है इसके बाद भी छात्रों को दी जाने वाली डिग्री के कोई मायने नहीं। छात्रों ने बताया कि गत वर्ष जो बैच बी फार्मा की डिग्री लेकर निकला था उसे किसी भी संस्थान में नौकरी नहीं मिल रही है कारण यह कि संस्थान द्वारा दी जाने वाली डिग्री की कोई मान्यता ही नहीं है।
छात्रों के साथ हो रही इस प्रकार के खिलवाड़ को देखने व रोकने की फुर्सत किसी को नहीं है। छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन द्वारा लगातार इस बात का आश्वासन मिल रहा है कि मान्यता के लिए भेजे गए दस्तावेजों पर बात चल रही है जल्द ही मान्यता मिल जाएगी। यह बात विवि अधिकारी लम्बे समय से बता रहे हैं। छात्रों ने बताया कि पीसीआई के अधिकारी एक बार भी संस्थान नहीं आए ऐसे में यह कैसे माना जा सकता है कि संस्थान मान्यता के लिए प्रयास कर रहा है।












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