2जी स्पेक्ट्रम: राजा ने मारी पलटी कहा प्रधानमंत्री का नहीं लिया नाम

ए राजा ने सोमवार को दिए अपने बयान में यह भी कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में वे निर्दोष हैं। उन्होंने लाइसेंस उसी आधार पर बेचे जैसे उनसे पहले के दूरसंचार मंत्रियों और एनडीए सरकार के दूरसंचार मंत्रियों ने बेचे थे। उन्होंने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि इस मामले में मुझे ही क्यों आरोपी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि दूरसंचार मंत्री रहते उन्होंने मोबाइल सेवा को आम आदमी तक पहुंचाने का काम किया था। इसके बदले ईनाम की जगह उन्हें सजा दी जा रही है।
2जी स्पेक्ट्रम के घोटाले को देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है। इससे देश को लगभग 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। अपने कार्यकाल में ए राजा ने 121 लाइसेंस बेचे थे। इसके अलावा उन्होंने स्पेक्ट्रम की भी नीलामी की थी। राजा ने कहा कि उन्होंने सब कुछ उसी आधार पर किया जो पहले के मंत्रियों ने किया था। मैंने कोई नया नियम नहीं बनाया था। राजा ने दूरसंचार मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे कपिल सिब्बल के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम की वजह से देश को राजस्व का नुकसान नहीं हुआ है।
2जी स्पेक्ट्रम में ए राजा द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी चिदंबरम का नाम लिए जाने पर डीएमके ने अपनी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की थी। इसके बाद शायद डीएमके ने ही ए राजा से इस तरह की बयानबाजी न करने के लिए कहा हो। इसी वजह से दबाव में आकर ए राजा ने अपने बयान से पलटी मारी हो। डीएमके शायद यूपीए के साथ गठबंधन को बचाए रखना चाहती है। इसीलिए तो ए राजा, कनिमोझी और दयानिधि मारन के इस मामले में सामने आने के बाद भी गठबंधन जारी है।












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