कर्म सिंह हत्याकाण्ड- पूर्व परिवहन मंत्री को हाई कोर्ट का नोटिस

कर्म सिंह के बेटे राजेंद्र द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायधीश महेश ग्रोवर ने करनाल के पुलिस अधीक्षक को मृतक के परिजनों व गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि कर्म सिंह की हत्या के बाद उनके ममेरे भाई व मामले में अहम गवाह चमेल सिंह की भी हत्या कर दी गई और पुलिस ने आज तक इस मामले में दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया है। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाए जाने, मृतक के परिजनों व गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अभियुक्तों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
क्या है मामला
मृतक पूर्व सरपंच कर्म सिंह के बेटे राजेंद्र की ओर से दायर याचिका में घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा देते हुए अदालत को बताया कि हरियाणा के पूर्व परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा ने कर्म सिंह के बेटे व रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए और नौकरी न मिलने पर पैसे वापिस मांगने के कारण उनकी हत्या कर दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि 6 जून को कर्म सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा तथ्यों व सबूतों सहित करनाल व पानीपत के पुलिस अधिक्षकों व उपायुक्तों को भेजने के अलावा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी भेजा था। इसके बाद 7 जून को कर्म सिंह की हत्या कर दी गई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि उनके पेट में इंजेक्शन मारने के 58 निशान पाए गए हैं।
याचिकाकर्ता के वकील नरेश शेखावत ने अदालत को यह भी बताया कि 10 जून को मृतक के परिजनों को काली ऑल्टो कार में आकर कुछ लोगों ने धमकियां दीं और पुलिस को सूचना के बावजूद इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं 15 जून को कर्म सिंह के ममेरे भाई व इस मामले में प्रमुख गवाह चमेल सिंह की भी हत्या कर दी गई।












Click it and Unblock the Notifications