यूपी: पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जांच की मांग

भाजपा का कहना है कि दोनों ही मंत्रियों को जांच के दायरे में लाना चाहिए क्योंकि दोनों मंत्रियों की भूमिका पूरे प्रकरण में संदिग्ध है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि दोनों मंत्री विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले के भागीदार है अत: हो सकता है कि डा. सचान की मौत के मामले में भी उनकी भूमिका हो।
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता विजय पाठक ने कहा कि डा.वाई एस सचान की लखनऊ जेल में मौत के मामले में मायावती सरकार के मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और अनंत कुमार मिश्र के इस्तीफे लेकर उन्हें जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डा. सचान विभाग में हुए गोरखधंधे में शामिल थे।
विभाग में करोड़ों का घोटाला हुआ इसलिए मंत्रियों से पूछतांछ अवश्य की जानी चाहिए। श्री पाठक ने कहा कि पिछले दिनों हुई घटनाओं की व्यापक जांच के लिए केन्द्रीय जाांच ब्यूरो को लाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों के जांच दायरे में लाने पर राज्य की खुफिया एजेंसी सीबीसीआईडी को अपना काम करने में काफी परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपराध को नियंत्रित करने के दावे कर रही हैं कानून व्यवस्था को चुस्त दुरस्त बनाने के लिए अभियान चलाए जाने की बात की जा रही है लेकिन आपराघिक घटनाओं की संख्या कम नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के दिल से सरकार व पुलिस का डर समाप्त हो चुका है।
पाठक ने कहा कि सरकार अपनी पूरी ताकत राजनीतिक आंदोलनों को कुचलने में लगा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि सरकार इस ताकत का प्रयोग अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए करती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने लखीमपुर जिले के निघासन थाना परिसर में मारी गयी नाबालिग लड़की सोनम के परिजनों से मुलाकात कर कहा कि यूपी में कानून का राज समाप्त हो गया है तथा मायावती से न्याय की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। यह मानने के बावजूद क्या कारण है कि केन्द्र सरकार मायावती सरकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि घटनाओं पर सिर्फ बयान देना काफी नहीं है राज्य सरकार के खिलाफ कार्रवाई करवानी होगी।












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