एमबीए डिग्री धारी भी चपरासी बनने को तैयार, क्योंकि नौकरी सरकारी है

था।
लोनी, गढ़, मुरादनगर और पिलखुवा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय के लिए एक-एक पद पर चौथा दर्जा कर्मचारी की नियुक्ति होनी है। इसके लिए ६९१ आवेदक साक्षात्कार देने पहुंचे। एमए कर चुके एक युवक ने कहा कि सरकारी नौकरी की बात ही अलग है। इसी वजह से वह अपनी किस्मत आजमाने आए हैं। एक बार नौकरी मिल जाए तो विभाग में रहते हुए आगे के लिए कोशिश की जा सकती है।
एमबीए कर रहे युवक के मुताबिक उसके परिवार वाले भी मानते हैं कि किसी भी लेवल की नौकरी अगर सरकारी है तो उससे बड़ी
कोई बात नहीं। हालांकि इंटरव्यू ले रहे अधिकारियों ने एमबीए और एमकाम या एमए कर चुके युवकों कंपीटशन की तैयारी करने की सलाह दी। कहा कि जिंदगी यहीं खत्म नहीं हो जाती।












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