टॉपरों की नजर सीएसएमएमयू की बजाय बीएचयू पर
लखनऊ।
कम्बाइंड प्री मेडिकल टेस्ट सीपीएमटी का परिणाम घोषित होने के साथ ही मेडिकल कालेजों में दाखिले की कसरत शुरू हो गयी। सीपीएमटी मैरिट में स्थान पाने वाले छात्रों की वरियता सूची में इस बार बीएचयू सबसे ऊपर आ गया है। छात्रों का कहना है कि लखनऊ का छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय पढ़ाई के दृष्टिकोण से अब बेहतर नहीं रहा। आए दिन होने वाली मारपीट व शिक्षकों के बीच चल रही राजनीति ने पढ़ाई के माहौल को काफी हद तक समाप्त कर दिया है। id="toptextpromo">कभी
मेडिकल की पढ़ाई के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान माने जाने वाले छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय की लोकप्रियता अब घटने लगी है। बुधवार की देर रात आए सीपीएमटी प्रवेश परीक्षा परिणाम में टॉपर रहे छात्रों ने खुलकर इस बात को स्वीकार किया कि वे चिविवि नहीं बल्कि बीएचयू में पढऩा चाहते हैं। छात्रों ने कहा कि यदि एम्स के बाद राज्य में किसी बेहतर चिकित्सा संस्थान का नाम आता है तो वह है बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय जहां पढ़ाई की जा सकती है। टॉपर्स का कहना है कि सीएसएमएमयू के सीनियर छात्र मारपीट में व्यस्त रहते हैं तो चिकित्सकों को राजनीति से फुर्सत नहीं है। वैसे भी बीते कुछ समय के दौरान चिविवि के कई फैकल्टी सेवानिवृत्त हो गए जिसके बाद परिसर में सन्नाटा छा गया है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>ज्ञात
हो कि अभी कुछ समय पूर्व चिविवि के एक शिक्षक पर आरोप लगा कि उसने अपनी जूनियर के साथ अभद्र व्यवहार किया जब उसने इसकी शिकायत प्रबंधन से की तो शिक्षक ने उसे बदनाम करने के लिए पुलिस में शिकायत कर उस कई आरोप लगा दिये। सीएसएमयू का इतिहास ऐसी घटनाओं से भरा पड़ा है जब शिक्षकों ने महिला छात्राओं व जूनियर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया हो। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सीपीएमटी टॉपर्स अब सीएसएमएमयू में पढ़ाई नहीं करना चाहते। ज्ञात हो कि सीपीएमटी 2011 में हर्षित अग्रवाल ने प्रथम स्थान पाया। जबकि राजधानी के अनुभव पाल ने सामान्य श्रेणी में आठवां स्थान हासिल किया। छात्राओं में लखनऊ की यशिका सिंह ने 13वीं, तन्वी जैन ने 58वीं तथा मनीषा गुप्ता 62वीं रैंक प्राप्त की। बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में 64,380 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था।











Click it and Unblock the Notifications