निगमानंद की मौत की जांच सीबीआई करे : कांग्रेस
भाजपा की वजह से हुई निगमानंद की मौत
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। इसे आप सिंयासी चाल नहीं कहेंगे तो क्या कहेगें कि एक कमरे में बाबा रामदेव की नौटंकी को देखने के लिए सुषमा स्वराज मिलने जाती है, निशंक सुबह-शाम हाजिरी देते है और उमा भारती स्पेशल मुलाकात करती है, मोरारी बापू पहुंचते हैं लेकिन एक भी व्यक्ति बगल के कमरे में जाकर नहीं देखता कि वहां कोई साधू पिछले 110 दिनों से अनशन कर रहा है।
अवैध खनन में भाजपा भी साथ है
वहीं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि मैने उत्तराखंड के सीएम रमेश पोखरियाल निशंक को खुद पत्र लिखकर अवैध खनन के बारे में चेताया था लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया जिससे पता चलता है कि वो कितनी सजग है प्रांत को लेकर। जयराम नरेश ने तो राज्य सरकार भाजपा पर अवैध खनन करने वालों से साठ-गांठ करने का भी आरोप लगाया। वो वही हरक सिंह रावत ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
निगमानंद को जहर दिया गया है
आपको बता दें कि मातृसदन आश्रम के संत निगमानंद पिछले 110 दिनों से गंगा बचाओ अभियान के तहत अनशन कर रहे थे। वो 19 फरवरी से अनशन कर रहे थे और सोमवार को 115 दिन बाद बाबा निगमानंद की मौत हो गई । उनका इलाज देहरादून के उसी हिमालयन अस्पताल में चल रहा था जहां बाबा रामदेव भर्ती थे। लेकिन ओ गुमनामी के अंधेरे में ही रह गये। उनके आश्रम वालों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर स्वामी जी को जहर देने का भी आरोप लगाया है।
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