बाल ठाकरे को कहने से पहले अजीत अपनी गिरेबान में झांके: राज ठाकरे

ठाकरे ने कहा है, वह किस समाज सेवा के बारे में बात कर रहे हैं! हर हिंदू जानता है कि देश को शिव सेना ने क्या योगदान दिया है। वह (अजीत) अपने चाचा, शरद पवार से भी एकांत में पूछ सकते हैं, क्योंकि एकांत में वह सच बोलेंगे, सार्वजनिक तौर पर वह कुछ भी बोलेंगे। मालूम हो कि अजीत ने कहा था कि शिव सेना ने एक भी शिक्षण संस्थान या कारखाना या सामाजिक संगठन नहीं स्थापित किया। इसके संदर्भ में ठाकरे ने कहा कि पूरा राज्य असली कहानी जानता है।
राज ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि अजीत ऐसी ओझी बातें सिर्फ इसलिए कह रहे हैं कि वह अपने उपर लोगों का ध्यान केंद्रित कर ले ताकि किसी का ध्यान घोटालों और काले धन पर न जाये। सामना के संपादकीय में बाल ठाकरे ने लिखा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शिक्षा के नाम पर दुकानें खोल रखी हैं।
उन्होंने अपनी तिजोरियां भरने के लिए चीनी सहकारी समितियां स्थापित कर रखी हैं, उन्होंने सहकारी बैंक खोले और लोगों को लूटा, उन्होंने राज्य के किसानों का खून चूसा और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया। ठाकरे ने कहा कि शिव सेना का गठन इस तरह की समाज सेवा के लिए नहीं हुआ है। ठाकरे ने अजीत की उस योजना को हास्यास्पद बताया, जिसमें उन्होंने मुम्बई के दादर रेलवे जंक्शन का नाम बी.आर. बाबासाहेब अम्बेडकर के नाम पर रखे जाने की बात कही है।












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