यूपी में मायावती के वफादार मौसम ने ढहा दिया राहुल का मंच
शाम के करीब साढ़े चार बजे राहुल गांधी का वो आक्रामक भाषण भाषण हुआ, जिसके लिए कांग्रेस व युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सुबह से इंतजार कर रहे थे। पार्टी के युवराज ने माइक पकड़ा और सबसे पहले ग्रेटर नोएडा कि किसानों का मुद्दा उठाया और देखते ही देखते कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भर गई। राहुल ने कहा कि मायावती निर्लज्ज, निरमोही और कार्यर हैं, इसी लिए वो भट्टा परसौल मामले पर चुप्पी साधे बैठी हैं। उन्होंने कहा कि अगर वहां सब कुछ ठीक है, तो धारा 144 क्यों लगी हुई है। आखिर मायावती इस मामले की न्यायिक जांच क्यों नहीं करवातीं। राहुल ने कहा कि अगले साल होने वाले चुनाव में वो मायावती की बसपा को उत्तर प्रदेश से उखाड़ फेंकेंगे।
राहुल माया को जड़ से उखाड़ फेंक पायें ना पायें, उत्तर प्रदेश के मौसम ने अपनी मुख्यमंत्री के प्रति वफादारी निभा दी और राहुल के पंडाल को उखाड़ फेंका। जितनी आक्रामक आवाज़ में राहुल ने मायावती को गरियाया था, उतनी ही तेज़ रफ्तार से आंधी, तूफान आया और फिर तेज बारिश हुई। बसपा का किला ढहने में भले ही अभी एक और साल लगे, लेकिन कांग्रेस का पंडाल पानी में बह गया।
मौसम को बहन जी की बुराई इतनी नागवार गुजरी कि कांग्रेसियों को इस चिंता में डाल दिया कि अधिवेशन का दूसरा सत्र कैसे हो और कहां हो, क्योंकि एक दिन में ना तो पंडाल लग सकता है और ना ही जगह की सफाई हो सकती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द यह है कि गुरुवार को इसी जगह रानी साहिबा यानीं सोनिया गांधी आ रहीं हैं। अब देखना यह है कि यूपी का मौसम आगे भी अपनी वफादारी निभाता है या नहीं। देखना यह है कि गुरुवार को यूपी की हवाएं सोनिया गांधी के लिए आक्रामक होती हैं, या खुखगवार।













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