हरियाणा में पेट्रोल कीमतों के खिलाफ जबर्दस्त रोष

उन्होंने बताया कि पैट्रोल में वृद्धि से किसानों की लागत और अधिक बढ़ेगी, जिससे पहले ही महंगाई की मार झेल रही जनता को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में वृद्धि की आढ़ लेकर सरकार इस वृद्धि को वाजिब बता रही है, लेकिन हकीकत तो यह है कि जब कच्चे तेल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 145 डॉलर प्रति बैरल थे तब पैट्रोल के दाम करीब 45 रुपए थे।
अब जब दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं उसके बावजूद कम्पनियों ने तेल के दाम बढ़ा दिए और सरकार केवल मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है, जबकि सरकार को चाहिए कि कम्पनियों पर कीमतों के मामले में नकेल कसे और किसानों व आमजन की सुविधा के लिए नियम बनाए। उन्होंने कहा कि सरकार के नुमाइंदे केवल जनसभाएं कर भोलीभाली जनता के समक्ष झूठे वादे कर सकती है, लेकिन उन वादों को पूरा करने के लिए उनके पास ना तो नीयत है और ना ही कोई नीति, जिसके कारण लोग कांग्रेस की सरकार को बनाने के बाद अब पछता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मूल्यवृद्धि को वापिस नहीं लिया गया तो इनेलो प्रदेश भर में तीव्र आंदोलन शुरू कर देगी और वह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मूल्यवृद्धि को वापिस नहीं ले लिया जाता। इस मौके पर वरिष्ठ नेता अमीर चावला, सुरेश कुक्कू, लीलाधर सैनी, प्रदीप मेहता, कृष्णा फौगाट, अशोक वर्मा, महावीर बागड़ी, आरके भारद्वाज, कृष्ण गुम्बर, महावीर शर्मा, मनोहर मेहता, डा. हरिसिंह भारी, हंसराज कम्बोज सहित दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।












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