चिदंबरम साहब मोस्ट वॉन्टेड सूची में चूक छोटी नहीं!
चिदंबरम ने बुधवार शाम बड़ी आसानी से कह दिया कि मोस्ट वांटेड लोगों की सूची में हुई गलती मुंबई पुलिस की भूल थी, जो अनजाने में हुई। मीडिया से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि गलती हुई है। और वो किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे और उसकी जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वजहुल खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस को वापस ले लिया जाना था और उनका नाम सूची से हटा दिया जाना चाहिए था।
इस गलती ने भारत सरकार के काम करने के तरीकों पर विश्व स्तर पर सवाल खड़े कर दिये हैं। जरा सोचिये पाकिस्तान को सौंपी गई इस सूची के बारे में पड़ोसी देश क्या सोच रहा होगा। यही नहीं यदि पाक ने इस सूची को अमेरिका की खुफिया एजेंसियों को फॉरवर्ड किया होगा, तो वहां क्या छवि बनी होगी।
सही मायने में यह सरकार के लिये शर्मिंदगी की बात है, कि जिस व्यक्ति का नाम सूची में डाल रहे हैं, वो मुंबई से लगे ठाणे में ही रह रहा है। इससे यह भी साफ हो गया कि भारत सरकार के वो तर्क कि वजहुल खान के पासपोर्ट की जांच नियमित रूप से होती रहती है। क्योंकि अगर उसके पासपोर्ट की जांच नियमित रूप से होती थी तो क्या उसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार और मुंबई पुलिस मुख्यालय नहीं भेजी जाती थी। इसका जवाब भी ना में ही है, क्योंकि अगर रिपोर्ट भेजी जाती होती तो वजहुल का नाम सूची में नहीं आता।













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