राष्ट्रवादी मोर्चा से निष्कासित हुए गोविन्दाचार्य

राष्ट्रवादी मोर्चा के गठन के एक माह के भीतर ही मोर्चा दो फाड़ हो गया है। राष्ट्रवादी मोर्चा के कुछ लोग व संरक्षक गोविन्दाचार्य ने मंगलवार को राजधानी में धरना देते हुए मांग की कि विदेशों में जमा काले धन की वापसी की जाए वह देश की सम्पत्ति हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह धन जमा किया था उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत कार्यवाही की जानी चाहिए।
एक ओर वे झूलेलाल पार्क में धरना देने की तैयारी कर रहे थे वहीं राष्ट्रवादी मोर्चा के संयोजक डा. सरजीत सिंह डंग व राष्ट्रीय सचिव शैलेन्द्र जैन ने उन्हें मोर्चा से निष्कासित करने का निर्णय ले लिया। डा. डंग का कहना था कि श्री गोविन्दाचार्य का मोर्चा में रहना औचित्यहीन है, क्योंकि अब वे किसी भी पार्टी में नहीं है।
उन्होंने बताया कि गोविन्दाचार्य धीरे-धीरे योगाचार्य रामदेव की ओर बढ़ रहे हैं जो मोर्चा के एजेन्डे के खिलाफ है। डा. डंग ने कहा कि वर्ष 2009 जनवरी माह में जब इस मोर्चा के गठन की चर्चा हो रही थी उस वक्त भी यह तय किया गया था कि मोर्चा में वही लोग शामिल होगे जो किसी न किसी पार्टी में जुड़े होंगे लेकिन गोविन्दाचार्य के साथ ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली कई मुलाकातों में मोर्चा की ओर से उन्हें यह कहा गया कि वे किसी पार्टी के साथ हो लें तो बेहतर होगा लेकिन श्री गोविन्दाचार्य ने ऐसा नहीं किया इन्हीं कारणों से उन्हें मोर्चा से निष्कासित किया जा रहा है।












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