अमेरिका का दोगलापन, कहा 9/11 और 26/11 में कोई तुलना नहीं

यह बात सिर्फ दिमागी उपज नहीं है बल्कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने खुद स्वीकार किया है। उनसे पूछा गया कि क्या भारत या दूसरे देश ऐसी कोई कार्रवाई करें तो अमेरिका उनका समर्थन करेगा ? विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मार्क टोन ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। इस प्रकार के सवालों के मद्देनजर ही अमेरिका अपने देश पर हुए 9/11 हमले और मुंबई पर हुए 26/11 हमले के बीच कोई भी समानता बताने से बच रहा है।
टोन से जब यह पूछा गया कि क्या अमेरिका की रक्षा अधिकार की नीति भारत जैसे देशों पर भी लागू होती है? आखिर, मुंबई के 26/11 हमलों का षड्यंत्र रचने वाले आतंकवादी पाकिस्तान के भीतर आजाद घूम रहे हैं। तो उन्होंने कहा कि इस बारे में मैं ज्यादा कुछ टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम अब तक यही कहते आए हैं कि ओसामा एक ऐसा व्यक्ति था, जिसके खिलाफ हमारे पास कार्रवाई करने योग्य खुफिया जानकारी थी और हमने उसके खिलाफ कार्रवाई की, क्योंकि हमारा मानना था कि वह अमेरिका के लिए प्रत्यक्ष और संभावित खतरा है।
उन्होंने कहा कि वह भारत में आतंकवाद से जुड़े सभी मामलों से अवगत हैं, जिसमें भारत की संसद और मुंबई पर हुआ आतंकवादी हमला शामिल है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों पर मुंबई हमले की साजिश रचने, उसके लिए वित्तीय मदद देने, उसे अंजाम देने तथा 166 लोगों की जान लेने का आरोप है।












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