क्या होता ओबामा का 'तेरे बिन लादेन'..

ओसामा की मौत की खबर सुनकर पूरा अमेरिका जश्न में झूम रहा है फिर चाहे वो ओबामा का समर्थक हो या विरोधी। ओसामा को मारकर ओबामा ने अपने विरोधियों की कमर तोड़ कर रख दी है। ओसामा की मौत ओबामा के लिए इतनी बड़ी जीत है जिसने उन्हें 'राष्ट्रीय हीरो' बना दिया है। गौरतलब है कि साल 2012 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और इस बार के चुनाव में ओबामा की जीत पर मुशकिल समझी जा रही थी लेकिन ओसामा की मौत ने ओबामा और उनकी डेमोक्रेट्स को ऐसी संजीवनी थमा दी है जिसका असर विरोधियों पर भारी पड़ेगा।
उल्लेखनीय है ओबामा से पहले अमेरिका पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 9/11 के हमलों के बाद ओसामा को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए अभियान चलाया था। इसलिए उन्होंने अफगानिस्तान पर भी हमले किए और जैविक हथियार रखने के आरोप में ईराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन को भी निशाना बनाया। मगर इन देशों पर किए गए हमलों में हजारों मासूम लोगों को मार डालने के बावजूद भी जब ओसामा बुश के हाथ नहीं लगा को बुश को अपनी सत्ता से हाथ धोना पड़ा। अमेरिकियों ने बुश को नकार दिया और ओबामा इस एजेंडे के साथ सत्ता में काबिज हुए कि ओसामा को मारना और 9/11 में मारे गए अमेरिकियों की कीमती जान का बदला लेना ओबामा के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।
ओबामा ने अमेरिका को ना सिर्फ नई उम्मीद दी बल्कि उसे पूरा भी कर दिखाया। अब सवाल ये है कि अमेरिका के नंबर वन दुश्मन ओसामा बिन लादेन को मारकर अमेरिका के नागरिकों को आतंकवाद के ऊपर ऐतिहासिक जीत देने वाले बराक ओबामा को क्या अमेरिकी जनता एक बार दोबारा जीत का तोहफा नहीं देगी।












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