लादेन की मौत से पाक पर मंडराया आर्थिक संकट

जी हां पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था को टिकाये रखने में अमेरिका का काफी बड़ा हाथ है। हर साल अरबों डॉलर की मदद अमेरिका से आती है, जिसे पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत को मजबूत बनाने में खर्च करता है। इसके अलावा अमेरिका से आने वाला पैसा तालिबान से लगे इलाकों के लोगों के पुनर्वास और विकास में खर्च होता है। अमेरिका से आने वाला कुछ पैसा यहां के व्यापार को बढ़ाने में भी खर्च किया जाता है।
यह सब आज से नहीं बल्कि कई वर्षों अमेरिका पाकिस्तान को आर्थिक मदद देता आ रहा है। 2007 में अमेरिका ने पाक को 7000 करोड़ डॉलर दिये, जबकि 2008 में राशि बढ़ाकर 8000 करोड़ कर दी। इसके बाद 2010 में यह राशि 15 हजार करोड़ से ऊपर पहुंच गई। इसके अलावा अमेरिका ने पाकिस्तान को कई लड़ाकू विमान और जहाज भी दिये।
सच पूछिए तो ये सब सिर्फ इसलिए क्योंकि अमेरिका जानता था कि पाकिस्तान की बिना मदद लिये, लादेन को मारना या पकड़ा नामुमकिन है। ओसामा की मौत के बाद अमेरिका जो सबसे ज्यादा पैसा अपने देश की सुरक्षा में खर्च करता है, क्या पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद जारी रखेगा। अगर उत्तर है, नहीं तो पाकिस्तान के आने वाले दिन बद से बदतर हो सकते हैं। लिहाजा पाकिस्तान को खुद अपने बल पर अपनी अर्थ वयवस्था को मजबूत बनाना होगा।












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