सीबीआई ने पेश की सफाई: चार्जशीट में क्यों नहीं 'दयालु'?

सीबीआई ने सोमवार को इस बात पर सफाई पेश की कि डीएमके नेता एम. करुणानिधि की दूसरी पत्नी दयालु अम्माल के खिलाफ वह कोई सबूत नहीं जुटा सकी, इसलिए उसे आरोपी नहीं बनाया गया है। अम्माल कलैगनार टीवी में 60 फीसदी हिस्सेदार हैं। सीबीआई ने कहा कि अम्माल ने अपनी बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य के कारण कम्पनी के सभी मामलों में फैसले लेने की जिम्मेदारी कम्पनी के एक अन्य हिस्सेदार शरद कुमार को दे दी थी, जिसने सभी तरह के अवैध दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
सीबीआई ने कहा कि अम्माल सिर्फ तमिल समझ सकती है। वह दूसरी कोई भाषा बोल, पढ़ या समझ नहीं सकती। यही नहीं वह सिर्फ कानूनी खानापूर्ति के लिए कम्पनी में बनी हुई थी। वह उसके खिलाफ कुछ भी हासिल नहीं कर पाई। अम्माल ने सन टीवी से विभाजन के बाद बतौर हिस्सेदार प्राप्त की गई 100 करोड़ रुपये की राशि कलैगनार टीवी में निवेश की थी।
दूसरी ओर भाजपा ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सीबीआई के दूसरे आरोप-पत्र में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्माल का नाम नहीं होने पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने कहा है कि यदि सीबीआई पर कोई राजनीतिक दबाव है तो उसे यह बताना चाहिए। भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा, "(कलैगनार टेलीविजन में) 60 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद दयालु अम्माल का नाम नहीं लिया गया। हमें संदेह है कि सीबीआई पर राजनीतिक दबाव हो सकता है।" उन्होंने कहा कि भाजपा समझ नहीं पा रही है कि दयालु अम्माल का नाम आरोप-पत्र में क्यों नहीं है?












Click it and Unblock the Notifications