देश के लिए शांति बनें अशांति, सीडी के बाद अब नोएडा प्रकरण में फंसे

एक न्यूज चैनल के मुताबिक पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और उनके बेटे जयंत भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार से 7 करोड़ रुपये के दो फार्महाउस बाजार दर से करीब चौथाई कीमत में ही हासिल किये हैं। खबर आ रही है यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने विवेकाधीन कोटे से दोनों पिता-पुत्र के नाम ये फार्महाउस अलॉट किए हैं।
गौरतलब है कि पैनल कमेटी के बाद शांति भूषण ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा जो प्रस्तुत किया था उसके मुताबिक नोएडा में उनके पास सिर्फ 10 हजार वर्ग मीटर का खेती लायक एक प्लॉट उनके पास है। इसके अलावा उनके पास नोएडा में कोई संपत्ति नहीं है। और ना ही ब्यौरे में इस बात का जिक्र है कि शांति और शांति के परिवार को ये जमीन उन्हें मायावती की नजरें इनायत पर मिली है। आपको बता दें कि शांति भूषण के बेटे जयंत भूषण ने नोएडा पार्क मामले में यूपी की सीएम मायावती के खिलाफ पैरवी की थी।
ताज्जुब ये हो रहा है कि ये सारे खुलासे तभी क्यों हो रहे है? जब लोकपाल कमेटी की ड्राफ्टिंग कमेटी बनायी गई, अगर ये सारे खुलासे पहले ही होते तो इतना तो तय है कि पैनल कमेटी में शांति और उनके बेटे ना होते। स्टार न्यूज पर ही बातचीत के दौरान जयंत ने अपने और अपने पिता पर लगे सारे आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा ये सब हमें बदनाम करने की साजिश है।
ये सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कोई नहीं चाहता कि जन लोकापल विधेयक पारित हो। गौरतलब है कि नोएडा का जमीन आवंटन मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मुकदमे की विषय वस्तु है। यह मुकदमा एक अन्य आवंटी पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह की ओर से दायर किया गया है। इन्होंने इन आवंटनों को रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें बतौर 'सजा' इस फार्महाउस का 'खराब' हिस्सा आवंटित किया गया।












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