पूर्व मुख्य न्यायाधीश बालकृष्णन ने संपत्ति के खुलासे से किया इंकार

मालूम हो कि जब पिछले साल न्यायाधीशों की अपनी संपत्ति को सार्वजनिक करने का मसला उठा था उस समय भी बालकृष्णन ने इसका विरोध किया था बल्कि इसे सिरे से खारिज भी कर दिया था। उस समय कर्नाटक के एक न्यायाधीश ने बालकृषणन की अवमानना करते हुए ना केवल उनके फैसले के विरोध किया था बल्कि अपनी संपत्ति सार्वजनिक भी कर दी थी। इसके बाद देश के अन्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ वकीलों ने न्यायाधीशों के संपत्ति विवरण को सार्वजनिक करने पर अपनी सहमति दी थी।
पूर्व न्यायाधीश के बेटी और दामाद पर पहले ही भ्रष्टाचार से संबंधित जांच चल रही है। इसके अलावा उनकी पत्नी और भाई के पास भी आय से अधिक संपत्ति के मसले खुल चुके हैं। उनके भतीजे अभिलाष टी चंद्रन के पास भी अचानक मानो सोना ही बरस पड़ा है। पहले वह क्लर्क थे, इस समय वह चार कंपनियों के मालिक हैं और अकूत दौलत भी उनके पास है। बालकृष्णन वर्तमान में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के पद पर हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रशांत भूषण और शांति भूषण ने कुछ दिन पहले ये दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को भी भ्रष्टाचार पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले चुका है। उनके मुताबिक कुछ इने-गिने नामों के अलावा सुप्रीम कोर्ट के पिछले 16 में से सभी मुख्य न्यायाधीश पूरी तरह से भ्रष्ट थे। इस बाबत अदालत में उनका मुकदमा भी चल रहा है। भ्रष्ट मुख्य न्यायाधीशों में बालकृष्णन समेत वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया तक का नाम शामिल है।












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