मीडिया में आई झूठी रिपोर्टों को अन्ना हजारे ने खारिज किया

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पहले मीडिया में खबरें आई थीं कि जिसमें कहा गया था कि अन्ना हजारे 15 अगस्त की सीमा को बढ़ाने के लिए तैयार हैं और यदि ये विधेयक संसद में खारिज भी हो जाता है तो भी वो संसद के फैसले को मानने के लिए तैयार हैं। यह बयान मीडिया में आई इन्ही खबरों पर भ्रम दूर करने के लिए जारी किया गया है। अन्ना ने कहा, "सरकारी सूत्रों के जरिये मीडिया के द्वारा यह भ्रम फैलाने की भी कोशिश की जा रही है कि सामाजिक संगठन 16 अप्रैल को संयुक्त मसौदा समिति की पहली बैठक में अपने पक्ष से पीछे हट गई है।"
उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों और न्यायपालिका को लाने के अपने पक्ष से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने कहा, "यदि राजनीतिक पार्टी विधेयक का विरोध करती है, तो वह अपना ही जनाधार कमजोर करेगी। ऐसी स्थिति में हम एक बार फिर सड़क पर उतरेंगे।" हजारे ने कहा कि लोगों को संसद के फैसले पर नजर बनाए रखना चाहिए।












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