मामला सीएमओ की हत्या का और गिरफ्तारी विभागीय गड़बड़ी में

पुलिस तफ्तीश तो हत्या की कर रही है मगर गिरफ्तारी अनियमितता और गड़बड़ी के मामलों में की जा रही है। कहा तो यह भी जा रहा है कि अगर डॉ. आर्या की हत्या का सही राजफाश होता, तो डॉ. बीपी सिंह की हत्या न होती। दरअसल दोनों हत्याओं को लेकर इतने सवाल खड़े हो चुके है कि सबका जवाब किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं है। आपको बतातें चलें कि बीपी सिंह सीएमओ, स्वास्थ एवं परिवार कल्याण विभाग की हत्या की जांच के सिलसिले में लखनऊ के सीएमओ एके शुक्ला, सीनियर क्लर्क संजय आनंद और कुछ ठेकेदारों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मुकदमा विभाग के संयुक्त निदेशक राजेंद्र सिंह ने दर्ज कराया है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तारी में डिप्टी सीएमओ वाईएस सचान, जिला प्रशासनिक अधिकारी चंद्रजीत यादव और एक लिपिक पीसी वर्मा है। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों को दो दिन की रिमांड पर लिया है।












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