जापान को मिली सफलता, रेडियोधर्मी पदार्थ का रिसाव रुका

टोक्यो। जापान के फुकुशीमा स्थित दायची परमाणु संयंत्र द्वारा समुद्र में मिल रहे रिडियोधर्मी पानी के रिसाव को रोकने में टेप्को अधिकारियों को सफलता मिल गई है। टेप्को अधिकारियों ने बताया कि न्यीक्लियर रिएक्टर के अंदर हुए छेद को एक पासायनिक पदार्थ की मदद से ठोस मिट्टी में बदल दिया गया है जिससे वहां से रिस रहे रेडियोधर्मी पानी के समुद्री जल में मिलने का खतरा अब समाप्त हो गया है।

उल्लेखनीय है कि जापानी अधिकारी 11 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप और प्रलयंकारी सुनामी के दौरान परमाणु संयंत्र की इमारत में हुए नुकसान को भरने में कामयाब हुए हैं। दूसरी ओर जापान ने रूस से एक फ्लोटिंग रेडिएशन ट्रीटमेंट प्लांट की मदद मांगी है। इसके अलावा टेप्को अधिकारियों ने परमाणु संयंत्र धातु की चादरों से ढकने की अपनी योजना को सितंबर तक स्थगित किए जाने की भी जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक संयंत्र को अभी ढकने से वहां चल रहे काम में बाधा आएगी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को जापानी अधिकारियों ने सूचना दी थी कि समुद्र के पानी के एक नमूने में रेडिएशन का स्तर वैध सीमा से 75 लाख गुना अधिक पाया गया था। इसके बाद प्रशांत महासागर के पानी में रेडियोधर्मी पानी भी छोड़ा गया क्योंकि संयंत्र से रिस रहे पानी को स्टोर करने की क्षमता पूरी हो चुकी थी और उसे वहां से फेंका जाना बेहद जरूरी था।

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