उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-बसपा के बीच छिड़ी जंग

श्रीमती जोशी ने कहा कि मायावती सरकार में दलितों पर हो रहे जुल्म की इंतिहा हो गयी है। अम्बेडकर नगर जिले के जलालपुर के जैनापुर ग्राम में दलित मेवालाल की हत्या, सप्ताह भर में ही जमनीपुर में एक अन्य दलित नौजवान एवं सर्राफा व्यवसायी महेन्द्र की हुई हत्या से नेताओं की अपराधियों से सांठगांव एक बार पुन: उजागर हुई है। डा. जोशी ने राज्य सरकार में कानून व्यवस्था की दुर्दशा के लिए मुख्यमंत्री मायावती को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जिस प्रकार बसपा के पदाधिकारी पुलिस और अपराधियों के बीच कथित रुप से सांठगांठ चल रही है उसने समाजवादी पार्टी के शासनाकाल को भी शर्मिन्दा कर दिया है।
डा. जोशी ने कहा कि मेवालाल पर विगत 20 मार्च को जानलेवा हमला हुआ था और गंभीर स्थिति में जलालपुर थाने पर ले जाने पर न तो उसकी एफआअीआर दर्ज की गयी और न ही मेडिकल कराया गया। 26 मार्च को लखनऊ के मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में इसगरीब की मृत्यु हो गयी। डा. जोशी ने आरोप लगाया कि जानबूकर इस मामले को दबाने की कोशिश की गयी है। अम्बेडकर नगर में बसपा के तीन मंत्री, एक सांसद एवं दो विधायक हैं इसके बावजूद 15 दिनों के अंदर दो-दो दलितों की निर्मम हत्या हो गयी और अभी तक कोई भी मुजरिम पकडा नहीं जा सका।
दूसरी आेर श्री मौर्य ने श्रीमती जोशी के आरोपों को उनकी घटिया सोंच एवं दूषित मानसिकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमती जोशी को राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए1 कांग्रेस की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी है। उन्होंने कहा कि यदि श्रीमती जोशी को गरीबों एवं दलितों के उत्थान और विकास की वास्तव में चिंता है तो उन्हें सबसे पहले यह नसीहत केंद्र की अपनी पार्टी की सरकार सहित कांग्रेस पार्टी द्वारा शासित अन्य राज्य सरकारों को देनी चाहिए था। श्री मौर्य ने कहा कि आजादी के बाद आज तक कांग्रेस पार्टी ने केंद्र में 50 वर्ष तथा उत्तर प्रदेश में लगभग 40 साल तक शासन करने के बाद भी दलित एवं गरीबों की हालत में कोई सुधार नही हुआ और गरीबों की हालत पहले से बदतर होती चली गयी।












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