जाट आंदोलन मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को

न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह और न्यायमूर्ति वीरेन्द्र कुमार दीक्षित की पीठ ने आज मामले की सुनवाई के दौरान केन्द्र तथा राज्य सरकार एवं रेलवे द्वारा अदालत में स्थिति रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद अगली सुनवाई की तिथि 13 अप्रैल नियत की है।
यह मामला गत 18 मार्च को सामने आया था जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुय न्यायाधीश एफ. आई. रेबेलो ने जाट आंदोलन के कारण रेल मार्ग बंद होने से जनता को हो रही घोर परेशानियों का स्वत: संज्ञान में लेते हुए लाखनऊ पीठ के न्यायाधीशों न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व न्यायमूर्ति वीरेन्द्र कुमार दीक्षित को जनहित याचिका के तौर पर लेने के निर्देश दिए थे।
अदालत ने सबन्धित अधिकारियों को जाटों द्वारा जाम किए गए रेल मार्ग को खाली कराने के निर्देश दिए थे। इस आदेश में बाद जाटों ने गत 19 मार्च को राज्य सरकार के अनुरोध पर रेल मार्ग खाली कर दिया था।












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