हरियाणा सरकार को हाई कोर्ट की फटकार, कहा जाटों पर फैसले में देरी क्यों

हाई कोर्ट ने ये निर्देश मंगलवार की शाम को एक गैर सरकारी संगठन की चाचिका पर सुनवाई के बाद किए। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार से जवाब मांगा कि रेल यातायात को सामान्य बनाने के लिए वो क्या कर रही है। रेल यातायात बाधित होने के कारण कोयले की सप्लाई बंद हो गई है, जिस कारण केदार और हिसार में राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट बंद हो गए हैं। बिजली की भारी किल्लत शुरू हो गई है। इस पर हाई कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए हरियाणा सरकार से कहा कि वो जल्द से जल्द ठोस कदम उठाते हुए जाटों का आंदोलन समाप्त करवाये।
उधर जाटों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र के अधिकारियों से मिला, जिसमें फिलहाल कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। केंद्र की कमेटी इस पर अभी भी विचार कर रही है। जबकि लाखों जाट रेल पटरियों पर डटे हुए हैं। जाटों ने इस बार होली भी रेलवे ट्रैक पर ही मनायी।
उत्तर प्रदेश के जाटों ने 28 मार्च को दिल्ली को चारों तरफ से सील करने की चेतावनी दे डाली है, जबकि हरियाणा के जाटों ने अपना आंदोलन राज्य के अंदर ही सीमित कर लिया है। हरियाणा के जाट गृहमंत्री पी चिदंबरम के आश्वासन से कुछ हद तक सहमत हुए और फिर अपने आंदोलन को पूरी तरह हरियाणा सरकार के खिलाफ कर दिया, जिसमें उन्होंने 25 मार्च तक की डेडलाइन देते हुए हरियाणा में सभी रेल मार्ग बंद करने की चेतावनी दी है।












Click it and Unblock the Notifications