मायावती के खिलाफ सपा कार्यकर्ता फिर सड़कों पर, फिर हुईं झड़पें

मायावती सरकार के खिलाफ गुरुवार को प्रदेश भर में सड़कों पर विरोध दिवस मनाने उतरे सपा के कार्यकर्ताओं ले लखनऊ सहित कई शहरों में राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किये।
बीते दिनों मायावती सरकार के खिलाफ चलाये गये तीन दिनी आंदोलन को पुलिस द्वारा कुचले जाने के विरोध में सपा कार्यकर्ता आज विरोध दिवस मनाने सड़कों पर उतरे थे। लखनऊ के अलावा गोरखपुर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, हरदोई सहित विभिन्न जिलों में सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मायावती के पुतले जलाए। इस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर उनकी झड़पें भी हुईं।
मायावती ने सपा के तीन दिवसीय (7 से 9 मार्च) प्रदेशव्यापी प्रदर्शन को अराजक बताते हुए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भविष्य में ऐसा आंदोलन करने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इसी के जवाब में सपा ने विरोध दिवस का आयोजन किया और फिर से जमकर प्रदर्शन किया।
सपा सांसद व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री मायावती की चुनौती के जवाब में सपा कार्यकर्ताओं ने शहरों और गांवों में प्रदर्शन व सभाएं कर जनता को बसपा सरकार के अत्याचार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद राज्य सरकार का दमनकारी रवैया जारी रहा।
मायावती पर एक तानाशाह की तरह काम करने के आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि आज भी मुझे आवास से बाहर पार्टी कार्यालय तक जाने नहीं दिया गया। आवास और पास ही स्थित पार्टी कार्यालय को छावनी में बदलकर वहां बैरिकेडिंग कर दी गई थी। यादव ने कहा कि सांसद होने के नाते मुझ्झे इस तरह रोका जाना मेरे विशेषाधिकार का हनन है। इस संबंध में मैं लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखूंगा। मुझे लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोका गया है। उन्होंने बताया कि पार्टी सांसद सुशीला सरोज को भी सुबह से लखनऊ स्थित घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया।












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