सूनामी जब भी आया, तबाही और कहर लाया
क्या है सूनामी?
समुद्री तूफान- को जापानी में सूनामी बोलते हैं, यानी बन्दरगाह के निकट की लहर। दरअसल ये बहुत लम्बी - यानी सैकड़ों किलोमीटर चौड़ाई वाली लहरें होती हैं, यानी कि लहरों के निचले हिस्सों के बीच का फासला सैकड़ों किलोमीटर का होता है। पर जब ये तट के पास आती हैं, तो लहरों का निचला हिस्सा जमीन को छूने लगता है,- इनकी गति कम हो जाती है, और ऊँचाई बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में जब ये तट से टक्कर मारती हैं तो तबाही होती है। गति 400 किलोमीटर प्रति घण्टा तक, और ऊँचाई 10 से 17 मीटर तक।
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सूनामी का मतलब क्या है?
समुद्र के भीतर अचानक जब बड़ी तेज हलचल होने लगती है तो उसमें उफान उठता है जिससे ऐसी लंबी और बहुत ऊंची लहरों का रेला उठना शुरू हो जाता है जो जबरदस्त आवेग के साथ आगे बढ़ता है, इन्हीं लहरों के रेले को सूनामी कहते हैं। दरअसल सूनामी जापानी शब्द है जो सू और नामी से मिल कर बना है सू का अर्थ है समुद्र तट और नामी का अर्थ है लहरें।
क्यों आते हैं सूनामी?
सूनामी लहरों के पीछे वैसे तो कई कारण होते हैं लेकिन सबसे ज्यादा असरदार कारण है भूकंप। इसके अलावा जमीन धंसने, ज्वालामुखी फटने, किसी तरह का विस्फोट होने और कभी-कभी उल्कापात के असर से भी सूनामी लहरें उठती हैं।
यहां आपको बता दें कि सूनामी ने जब भी जहां दस्तक दी है वहां सिर्फ और सिर्फ बर्बादी ही लेकर आया है। आईये आपको बताते से हैं कि सूनामी के कहर ने कब और कहां अपना कहर ढ़ाया है।
6 दिसंबर 2004 : को इंडोनेशिया में जबरदस्त भूकंप आया । पिछले 40 सालों में ये सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इस भूकंप से अफ्रीका में सोमालिया तक के तटीय इलाकों में करीब दो लाख लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए।
17 जूलाई 2007 : 7.7 mg तीव्रता वाले भूंकप ने 654 लोगों की जान ले ली थी।
2 अप्रैल 2007 : सूनामी के कहर से करीब से 52 लोग मर गये थे और हजारों की संख्या में लोग बेघर हो गये थे।
29 सितंबर 2009 : 8 mg वाली तीव्रता के भूंकप ने 192 लोगों की जान और हजारों लोगों को बेघर कर दिया था।
27 फरवरी 2010 : चिली के इस भूंकप में लगभग 521 लोग मारे गये गये जबकि 56 लोग लापता हो गये थे।
25 -26 अक्टूबर : इंडोनेशिया में जब ये भूंकप आया था तब लगभग 112 लोग मारे गये थे जबकि 500 लोग लापता हो गये थे।













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