आरूषि मामले में हाईकोर्ट 18 मार्च को सुनाएगा फैसला
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बालाकृष्णा नारायण कर रहे हैं। न्यायमूर्ति ने दोनों याचिकाकर्ताओं एवं प्रतिवादी के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। नोएडा के डॉक्टर दंपति राजेश और नूपुर तलवार ने गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत के 9 फरवरी के फैसले के खिलाफ 21 फरवरी को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
तलवार दंपति पर अपनी बेटी और घरेलू नौकर की हत्या में शामिल होने के अलावा आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्यों को नष्ट करने का आरोप लगाया गया था। वरिष्ठ वकील गोपाल चतुर्वेदी ने तलवार की ओर से तर्क दिया कि अदालत ने यह कहते हुए आदश जारी किया कि उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए काफी साक्ष्य हैं जबकि सीबीआई ने अपने क्लोजर रिपोर्ट में दोनों में किसी को संदिग्ध नहीं बताया।
तलवार की वकील की मां की हत्या
दूसरी ओर राजेश तलवार की वकील रेबेका जॉन की वृद्ध मां की हत्या मंगलवार को उनके ही आवास पर कर दी गई। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित रेबेका के आवास पर उनकी मां की गला दबा कर हत्या कर दी गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया "वकील रिबेका जॉन की मां अन्ना माम्मेन शाम 4.30 बजे अपने घर में मृत पाई गई।" मृत महिला की उम्र 80 वर्ष थी।
पुलिस ने कहा कि घरेलू नौकर और 10वीं-12वीं के वे छात्र संदेह के घेरे में हैं, जिन्हें वह पढ़ा रही थीं। ज्ञात हो कि जॉन आरुषि की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद अदालत में तलवार का प्रतिनिधित्व करती हैं। पुलिस ने कहा कि वृद्धा की हत्या में उनके निकट के किसी व्यक्ति का हाथ हो सकता है। उनके घर से कुछ सामान भी गायब हैं।













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