राहुल गांधी पर युवती को बंधक बनाने का आरोप लगाने वाले पर 50 लाख जुर्माना

लखनऊ बेंच के दो जज इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। सभी विन्दुओं पर सुनवाई करते हुए दोनों जजों ने किशोर समरीते और गजेन्द्र पाल सिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी और मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिये हैं। जुर्माने की राशि का बटवांरा करते हुए कोर्ट ने कहा कि कुल राशि में से 5 लाख डीजीपी उत्तर प्रदेश करमवीर सिंह को, 20 लाख रुपये राहुल गांधी को तथा शेष 25 लाख रुपये संबंधित परिवार को दिये जायेंगे।
कोर्ट परिसर में मौजूद और मामले के सरकारी वकील ने बताया कि आज पूरे मामले की सुनवाई करने, सभी पक्षों को बराबर से सुनने और परिवार के बयान के बाद कोर्ट ने किशोर समरीते पर 50 लाख का जुर्माना ठोकते हुए मामले को सीबीआई को सौंप दिया है। बताते चलें कि राहुल गांधी पर बंदी प्रत्यक्षीकरण की दो याचिकाएं दायर हुईं थी।
पहली याचिका 26 फरवरी को किशोर समरीते ने कांग्रेस महासचिव व अमेठी सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच में यह आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की जनवरी में राहुल गांधी से मिलने के बाद एक परिवार लापता है। बाद में गजेंद्र पाल सिंह ने भी इसी प्रकरण से जुड़ी एक याचिका दायर की थी ।












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